मूल भाषाभाषी से भाषाएँ सीखें और बोलें।

विदेशी भाषा सीखनी है?

विदेशी भाषाएं सीखना महत्वपूर्ण क्यों है?


विदेशी भाषाएं सीखने के कारण
एक और भाषा सीखने के लाभ


वह प्रश्न जो 19वीं सदी में कभी नहीं पूछा गया, क्योंकि उन दिनों में सुसंस्कृत लोगों ने भाषाओं के महत्व को नहीं समझा, इन दिनों सच में जवाब की आवश्यकता है। किसी भी भाषा उत्साही को एक से अधिक बार अनंत प्रश्न “आप ऐसा क्यों करते हैं?” का उत्तर देना पड़ता है, और यह प्रश्न सहजता से नहीं, ​बल्कि आमतौर पर बहुत घृणा के साथ पूछा जाता है। अक्सर वह घृणा केवल ईर्ष्या का मुखौटा होती है, लेकिन कई लोग सच में और वास्तव में यह नहीं समझते कि ऐसी किसी गतिविधि पर समय व्यतीत क्यों किया जाए।


रोज़गार के अवसर


फिर भी जवाब सामने दिखाई पड़ते हैं। एक सफल कैरियर के लिए, अंग्रेज़ी, ​कम-से-कम आवश्यक प्रतीत होती है। एक शीर्ष प्रबंधक के लिए, एक काफी उच्च स्तर की अंग्रेज़ी जानना बहुत महत्वपूर्ण होता है, चूंकि प्रस्तुतियों और समझौतों के लिए पूर्ण धाराप्रवाह होने और उपयुक्त व्याकरण की आवश्यकता होती है। यदि आप अपने व्यावसायिक भागीदारों की भाषा एक संकोची तरीके से, टूटी-फूटी बोलते हैं या बिल्कुल भी नहीं बोलते हैं, तो उनकी रूचि कम हो जाएगी और संभवत: वे आपके प्रतिस्पर्धी के साथ सौदा करना पसंद करेंगे, लेकिन यदि आपने उनकी भाषा में इतनी अच्छी कुशलता प्राप्त कर ली है कि आप एक उसके एक मूल वक्ता के रूप में भी पारित हो सकते हैं, तो आपको इससे फायदा होगा, क्योंकि सभी आपके प्रयास की सराहना करेंगे। वह लोग जो फ्रांस में स्थित कम्पनियों के साथ व्यापार करते हैं, उनको इसी कारण के लिए धाराप्रवाह फ्रेंच बोलने की आवश्यकता होगी, और पूर्व में तेजी से बढ़ते चीनी बाज़ार के लिए, मंदारिन चीनी भाषा अब चलन में आ रही है। लेकिन भाषाएं केवल व्यवसाय के लिए ही नहीं हैं। 

 

विदेशी भाषा सीखनी


यात्रा में और मित्र बनाने में


यदि आप इटली और स्पेन की खूबसूरत वास्तुकला को टीवी पर देखने की बजाय अपनी आंखों से देखने के इच्छुक हैं, तो कम-से-कम ए2 स्तर तक संबंधित भाषाओं को सीखने से आप उन देशों में यात्रा करते हुए कहीं अधिक स्वतंत्र होंगे। यदि आपको ऑनलाइन मित्र बनाना पसंद है, तो केवल एक विदेशी भाषा जानने से आपके अवसर व्यापक रूप से बढ़ जाएंगे, और आप जितनी भाषाओं में कुशल होंगे, उतने ही अधिक मित्र ढूंढ़ सकेंगे। आप सोशल नेटवर्क, फोरम, टेक्स्ट संदेशों पर बातचीत करने में सक्षम हो जाएंगे और फिर — हो सकता है — अपने नए बने मित्रों से मुलाकात करें और इसी दौरान उनके देश को भी देखें। लेकिन यदि आप केवल एक भाषा बोलते हैं, तो यह सभी अवसर आपके लिए उपलब्ध नहीं होंगे।


मूल भाषा में उपन्यास पढ़ना


यदि आपको पुस्तकें पढ़ने में आनंद मिलता है, तो भाषाएं आपको सच में एक अनूठा उपहार दे सकती हैं: अपने पसंदीदा लेखकों की पुस्तकों को उनकी मूल भाषा में पढ़ने की क्षमता। किसी भी अनुवाद में — किसी बहुत अच्छे में भी — हमेशा कुछ-न-कुछ मतलब छूट जाता है। उदाहरण के लिए, अगाथा क्रिस्टी को अंग्रेज़ी भाषा की कुछ विलक्षणता को अपराध के समाधान का उपाय बनाना पसंद है — जैसे कि, किसी निश्चित शब्द का दोहरा अर्थ या उसे बोले जाने के दो अलग तरीके — और अधिकतर मामलों में उनका अनुवाद असंभव होता है। उनके कुछ समकालीन व्यक्ति, उदाहरण के लिए, जी.के. चेस्टरटन भी कुछ इसी प्रकार से बेचारे अनुवादकों के लिए मुश्किल खड़ी करते थे, और लुईस कैरोल की परीलोक में एलीस के साहसिक कार्य (एलीस एडवेंचर्स इन वंडरलैंड) अपने अनेकार्थी शब्दों के लिए लोक-प्रसिद्ध हो गई है। उन लोकप्रिय लेखकों द्वारा लिखी गईं सभी पुस्तकों का सैंकड़ों भाषाओं में अनुवाद हो चुका है, लेकिन अनुवाद में काफी मतलब छूट गया है।


फिल्मों में वास्तविक आवाज़ें


फिल्मों के साथ भी ऐसा ही है। अलग-अलग उच्चारण, खास बोली, जानबूझकर की गई गलतियां हमें चरित्रों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, स्थानीय हास्य के उदाहरणों की एक समझ पेश करती है — यह सब किसी अन्य भाषा में फिर से तैयार करना लगभग असंभव होता है, जबकि अनुवादक, निश्चित रूप से, अपना सर्वोत्तम प्रयास करते हैं। और जब भी किसी गाने का अनुवाद होता है, तो वह आमतौर पर एक पूर्णत: अलग गाना बन जाता है, तो यदि आप किसी निश्चित प्रसिद्ध गायक अथवा समूह के प्रशंसक हैं, तो उनकी भाषा सीखना बहुत ज़रूरी है; अन्यथा, उनके महान गानों को सुनने का आनंद आपके लिए आधा रह जाएगा।
यह सूची और लंबी हो सकती है, और भाषाओं के महत्व के यह सभी पहलू, जैसा ​मैंने कहा था, सामने दिखते हैं, लेकिन भाषा सीखने का एक अन्य पक्ष है, कम व्यावहारिक और अक्सर कहीं कम उल्लिखित। मुझे विश्वास है, मेरे साथी भाषा उत्साहीजन मेरा समर्थन करेंगे, लेकिन मेरे अधिकांश पाठकों को, जो मैं कहने वाला हूं, शायद बिल्कुल अनापेक्षित प्रतीत हो। फिर भी, यह सच है।


आप सीखने की प्रक्रिया का आनंद ले सकते हैं


किसी भी अन्य शौक की तरह — संभवत: कई अन्यों से अधिक — भाषाएं केवल हमारा जीवन समृद्ध और अधिक संतोषजनक ही नहीं बनाती, बल्कि वे भाग्य में लिखे हमारे किसी भी कठिन समय को पार करने में हमारी मदद भी कर सकती है। वह लोग जो किसी आकांक्षी बहुभाषी से यह सामान्य प्रश्न पूछते हैं कि इससे क्या होगा, आमतौर पर यह मानते हैं कि भाषा सीखना एक कठिन, व्यर्थ कार्य है, और इसे मनोरंजन के लिए चुनने वाले लोगों को पीड़ा का सुख भोगने वाला होना चाहिए। निश्चित रूप से, कुछ भी इससे गलत नहीं हो सकता। कुशल लोगों के लिए भाषा सीखना, सच में, दुनिया की सबसे आनंददायक गतिविधियों में से एक है, और चुनौतियां इसे और तीव्र आनंदमय बनाती हैं। इसीलिए, जैसा कि मैंने अनुच्छेद की शुरूआत में उल्लिखित किया था, ​जीवन के कठिन होने पर भाषाएं हमारी मुक्ति बन सकती हैं, और इसके लिए तो मैं व्यक्तिगत रूप से समर्थन कर सकता हूं। मैं पूरी तरह से समझता हूं कि सभी के लिए ही ऐसा होना आवश्यक नहीं है, लेकिन जब तक आप कोशिश नहीं करेंगे तब तक आप नहीं जानेंगे कि आप पैदाइशी भाषा के पढ़ाकू हैं या नहीं। और कभी-कभी यह एहसास कि भाषा सीखना हमारी सही योग्यता है ज़िंदगी में काफी देर से हो सकता है।


क्या आप एक बहुभाषी बनना पसंद करेंगे?


सभी एक बहुभाषी नहीं बन जाएंगे: इसके लिए एक निश्चित मनोदशा और बहुत सारे समर्पण की आवश्यकता होती है। लेकिन प्रत्येक व्यक्ति जो अपनी मूल भाषा का प्रबंधन कर सकता है, वो कम-से-कम एक या दो विदेशी भाषाएं सीख सकता है। ऐसा करने के कई फायदे हैं; मैंने पहले से ही कुछ उल्लिखित किए हैं, लेकिन कुछ और भी हैं। चीज़ों के व्यावहारिक पक्ष की बात करें तो, बहुभाषी लोगों के लिए खुले कुछ व्यवसायों का नाम बताता हूं: अनुवाद (ट्रांसलेशन), भाषांतर (इंटरप्रेटिंग), प्रतिलेखन (कॉपीराईटिंग), ट्यूटरिंग (ऑनलाइन ट्यूटरिंग सहित) और भी बहुत सारे। इस प्रकार, भाषाएं आपका सुरक्षा जाल, व्यावसायिक रूप से आपके बुरे समय में आपका कवच, आय का आपका विश्वसनीय और स्थिर स्रोत बनती हैं। और यह प्रयास — लंबे समय में — फायदेमंद होता है।

भाषा सीखने के लिए विस्तृत ​पठन



क्यों 98% नियम का हमेशा पालन नहीं किया जा सकता


सबसे पहले, 98% नियम क्या है?


दरअसल, 98% नियम वह नियम है जो कहता है कि जो भाषा आप सीख रहे हैं जब आप उस भाषा में विस्तृत पठन के लिए सामग्रियां चुनते हैं, तो उस पाठ में ज्ञात शब्दों की संख्या कम-से-कम 98% होनी चाहिए।
ठीक है, तो विस्तृत पठन क्या है? इसका उत्तर समान रूप से आसान है: यह विदेशी भाषाएं सीखने का वह तरीका है, जो कि काफी हद तक वैसा ही है जैसा कि हम अपनी मूल भाषा सीखने के लिए अपनाते हैं, यह मानते हुए कि हमें पढ़ना पसंद है। विस्तृत पठन किसी शब्दकोश से सलाह लिए बिना विषय-वस्तु के बड़े-बड़े भागों को पढ़ना होता है (कभी-कभी उपन्यास जितने बड़े) इसकी तरकीब है कोशिश करना और संदर्भ से अज्ञात शब्दों के मतलब का अर्थ लगाना, और यह व्यापक रूप से माना जाता है कि यदि 98% नियम टूट जाता है, तो पाठक जल्द ही विचलित, गैर-दिलचस्प हो जाएगा, उसका ध्यान भटक जाएगा और अंतत: वह ​पुस्तक को दूर रख देगा। लेकिन इस नियम से संबंधित कुछ समस्याएं हैं, जो कभी-कभी इसके अनुपालन को असंभव बनाती हैं।


सबसे पहले, इतनी बारीकी से ज्ञात शब्दों के प्रतिशत की गणना कैसे करें? यदि आप, एक-एक करके शब्दों को गिनेंगे, तो इसमें बहुत समय लगेगा, और उस समय का अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग किया जा सकता है; विस्तृत पठन का समग्र आशय शब्दकोश का प्रयोग ना करते हुए समय बचाने का है, लेकिन अब हम इसे बर्बाद करने के एक अन्य तरीके का सुझाव देते प्रतीत हो रहे हैं।
दूसरा, यह मानते हुए कि आपने किसी तरह से पहली समस्या का समाधान कर लिया है, तो आप ऐसी पुस्तकें कहां से लाएंगे जो उसका अनुपालन करती हों? वर्गीकृत पाठक? ठीक है, यदि आपको उस प्रकार की चीज़ें पसंद हैं, लेकिन ज़रा अनुमान लगाइए? इस लेख के लेखक समेत, कुछ लोग सभी प्रकार के रूपांतरणों और प्रतिनिधियों से घृणा करते हैं, और दूसरों को शायद यह पता ही ना हो कि ऐसी पुस्तकें कहां से प्राप्त करें। अमेज़न अभी तक दुनिया के हर कोने तक चीज़ें सुपुर्द नहीं करता, और अक्सर आपको जो मिलता है, उसी से ही काम चलाना पड़ता है।
अच्छी बात


लेकिन सच में एक ऐसी अच्छी बात है जो इस हताश ​प्रतीत होती स्थिति में जान डालती है: 98% नियम के अनुपालन की कोई आवश्यकता ही नहीं है। आपको जो कुछ भी बताया गया है, इसके बावजूद, सभी लोग बहुत सारे अज्ञात शब्दों के होने द्वारा निराश नहीं हो जाते। कुछ असाधारण हठीले भाषा सीखने वाले ऐसी विषय-वस्तु को भी प्रसन्नतापूर्वक पार कर जाते हैं, जिसमें उन्हें मुश्किल से 30% शब्द ही समझ आए हों (केवल औपचारिकता पूरी करते हुए), और जिन्हें बाकी के मतलब का अर्थ लगाने की कोशिश करना भी हास्यास्पद लगता हो। आप मानें या ना मानें, इस प्रकार से भी बुनियादी विषय को समझना संभव है, हालांकि विवरण, ज़ाहिर है, आपको पता नहीं चलेंगे। लेकिन लगभग 70% पर, आप प्रभावी ढंग से पढ़ना शुरू कर सकते हैं, और हर नई कोशिश के साथ, आप जिन शब्दों की पहचान कर सकते हैं, वह चमत्कारी रूप से बढ़ेंगे; जब तक कि आपको ऐसी किसी पुस्तक को पकड़ना भी चुनौती नहीं लगता जो आपके लिए 98% नियम का अनुपालन नहीं करती हो।